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मुल्क में किरदार निभाना बहुत ज्यादा चैलेंजिंग रहा, विरोध के बावजूद अनुभव सिन्हा ने मुझ पर भरोसा जताया : मनोज पाहवा

मुल्क में किरदार निभाना बहुत ज्यादा चैलेंजिंग रहा, विरोध के बावजूद अनुभव सिन्हा ने मुझ पर भरोसा जताया : मनोज पाहवा

भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। बॉलीवुड एक्टर मनोज पाहवा अपने अलग अंदाज और बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। कोई कॉमिक कैरेक्टर हो या संजीदा भूमिका, हर किरदार में उन्होंने दर्शकों को अपने दमदार अभिनय से प्रभावित किया है। सिंह इज किंग, वांटेड, दिल धड़कने दो, जुड़वा-2, मुल्क, स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2, मिनी, अनेक जैसी फिल्में हो या हम लोग, शांति या फिर ऑफिस-ऑफिस जैसे सीरियल की बात करें, मनोज ने हर बार अपनी एक्टिंग से एक नया बैंचमार्क सेट किया है। विश्वरंग कार्यक्रम में शिरकत करने मनोज पाहवा भोपाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने न्यूज़ वर्ल्ड से खास बातचीत में उन्होंने अपने एक्सपीरियंस शेयर किए।


मुल्क में किरदार निभाना बहुत ज्यादा चैलेंजिंग रहा

मुल्क फिल्म में अपने अभिनय को लेकर मनोज पाहवा ने अपने एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि वो किरदार निभाना मेरे लिए बहुत ज्यादा चैलेंजिंग रहा, क्योंकि जब आप एक ही तरह के किरदार काफी साल तक निभाते हो और आपकी एक ही इमेज बन जाती है तो फिर दूसरे तरह के किरदार में लोग आपको एक्सेप्ट नहीं करते हैं। मुल्क फ़िल्म के डायरेक्टर अनुभव सिंह मुझे जानते हैं, उनके साथ मैंने पहले सीरियल किए है उनकी फिल्मों में डिफरेंट रोल किए थे। जब उन्होंने मुझसे इस रोल को निभाने की बात की तो उनकी टीम के लोगों ने कहा कि मनोज पाहवा तो कॉमेडियन एक्टर यह तो रिस्क ले रहे हो, जब वह स्क्रीन पर आएंगे तो लोग हंसने लगेंगे, प्रॉब्लम न हो जाए। इस तरह की परेशानी हुई थी, लेकिन इसका क्रेडिट अपने राइटर और डायरेक्टर अनुभव सिन्हा को दूंगा जिन्होंने विरोध के बावजूद भी मुझ पर भरोसा किया। उन्होंने कहा कि मैं मनोज पाहवा को एक कलाकार के तौर पर अच्छी तरह जानता हूं और मैंने उनको रंगमंच पर भी काफी काम करते हुए देखा है, वह अलग-अलग तरह के किरदार निभाने में सक्षम है। उन्होंने यह रिस्क लिया लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई और लोगों ने उसे स्वीकारा। अब मुझे कॉमिक की जगह नेगेटिव या सीरियस रोल देने लगे हैं।


मेरी टीस को बहाव मिल गया

मनोज से जब पूछा गया कि क्या मुल्क के इस कैरेक्टर को वो अपने करियर का टर्निंग प्वाइंट मानते हैं, तो उन्होंने कहा कि, टर्निंग प्वाइंट तो नहीं कहूंगा क्योंकि मैं पहले भी काम ही कर रहा था, लेकिन एक कलाकार के तौर पर आपकी हमेशा इच्छा होती है कि आप अलग-अलग तरह के किरदार निभाएं। मनोज कहते है कि, एक एक्टर के अंदर कहीं ना कहीं एक भूख रहती है कि मुंबई में हूं, बड़ा नाम है, पैसे कमा रहा हूं, बड़ी-बड़ी फिल्म करता हूं, लेकिन मेरे अंदर जो एक टीस छुपी थी उसको एक बहाव मिल गया है, रास्ता मिला है। आर्टिकल 15, राम प्रसाद की तेरहवीं, मिनी जैसी फिल्मे कर के एक तरह से अभिनेता के तौर पर मुझे काफी सेटिस्फेक्शन मिला।

Deepak Singh

Deepak Singh

deepak@newsworld.com

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