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यूएनजीए की उच्च स्तरीय बैठक में शिरकत करने न्यूयार्क पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर

यूएनजीए की उच्च स्तरीय बैठक में शिरकत करने न्यूयार्क पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर

संयुक्त राष्ट्र, (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर कई स्तरों पर 50 से अधिक बैठकों के पैक्ड एजेंडे के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्च स्तरीय बैठक के लिए रविवार से न्यूयॉर्क के दौरे पर हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल के शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने के कारण, वह असेंबली में भारत का भाषण देने वाले हैं, जो वाटरशेड मोमेंट: इंटरलॉकिंग चुनौतियों का परिवर्तनकारी समाधान विषय पर आधारित है। कोरोना काल के 2 साल बाद इस बार असेंबली की उच्च-स्तरीय बैठक फिर से अपने पहले प्रारूप में लौटी है। इस बार राज्य या सरकार के 153 प्रमुखों, तीन उप प्रधानमंत्रियों और 34 विदेश मंत्रियों के भाग लेने की उम्मीद है।


सुरक्षा परिषद के सुधार जयशंकर के एजेंडे में सबसे ऊपर होगा। क्योंकि वो सप्ताह के दौरान दुनिया के दर्जनों नेताओं से मिलेंगे, जो सत्र और कई कार्यक्रमों से अलग होते हैं। वह जी-4 के विदेश मंत्रियों की एक बैठक की मेजबानी भी करने वाले हैं, जो भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान से बना समूह है। जो परिषद के विस्तार की वकालत करता है और स्थायी सीट के लिए एक-दूसरे के दावे का समर्थन करता है।


वह 42-सदस्यीय समूह के शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जिसे एल.69 के नाम से जाना जाता है, जो दुनिया भर के देशों से बना है जो परिषद सुधारों के लिए काम करता हैं। अमेरिकी स्थायी प्रतिनिधि लिंडा थॉमस-ग्रीनबर्ग के अनुसार, सत्र के दौरान परिषद सुधार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इसके सुधार के लिए अपने विचार रखेंगे और अन्य नेताओं के साथ मंथन करेंगे।


देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर, जयशंकर की यात्रा का मुख्य आकर्षण इंडिया एट द रेट ऑफ 75 शोकेसिंग इंडिया यूएन पार्टनरशिप इन एक्शन हैं। इस कार्यक्रम को वह संबोधित करेंगे। जो भारत के विकास को उजागर करेगा। इसके अलावा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, असेंबली अध्यक्ष साबा कोरोसी, परिषद के विदेश मंत्रियों, विकसित और उभरते देशों से बने जी20 और कई अन्य नेताओं के साथ आमने-सामने मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है।


नई दिल्ली की विदेश नीति पर इंडिया-पेसिफिकके साथ, जयशंकर भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका से बने क्वाड की बैठक में हिस्सा लेंगे और अमेरिका, और भारत, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया, और भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की त्रिपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। जिन समूहों में उन्हें भाग लेना है, उनमें ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका), आईबीएसए (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका), और लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई राज्यों का समुदाय (सीईएलएसी) शामिल हैं।


वह भारत-कैरिकॉम, 15 सदस्यीय कैरेबियाई समूह की बैठक और फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक में भी भाग लेंगे। न्यूयॉर्क में अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद, उनका तीन दिनों के लिए वाशिंगटन जाने का कार्यक्रम है, जो बहुआयामी द्विपक्षीय एजेंडे की उच्च-स्तरीय समीक्षा और क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी। उनके विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और अन्य अमेरिकी अधिकारियों के साथ-साथ अमेरिकी व्यापार जगत के नेताओं और प्रवासी सदस्यों से मिलने की उम्मीद है। वाशिंगटन के एजेंडे में विज्ञान और प्रौद्योगिकी भी शामिल है।


--आईएएनएस

केसी/आरएचए

News World Desk

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