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मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के मिलने लगे संकेत, अब धीरे-धीरे शुष्क होने लगा मौसम

मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के मिलने लगे संकेत, अब धीरे-धीरे शुष्क होने लगा मौसम

भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां कम होने के साथ ही पारा धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्षा की गतिविधियां कम होने के साथ ही मानसून की विदाई के संकेत मिलने लगे हैं। राजस्थान के ऊपर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है, जिसकी वजह से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। सिस्टम समाप्त होने से नमी आने का सिलसिला भी रुक जाएगा और 30 सितंबर से मौसम शुष्क होने लगेगा। अक्टूबर के पहले हफ्ते से प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू होती दिखाई देगी। सबसे पहले पश्चिमी मध्य प्रदेश फिर, केंद्रीय मध्य प्रदेश और अंत में पूर्वी मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई होगी। संभावना है कि मानसून की विदाई अपने तय समय के आसपास ही होगी।


वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ ममता यादव ने बताया कि प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश जारी है, जबकि अन्य जिलों में धूप और गर्मी छाई हुई है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। एक पश्चिमी विक्षोभ के ऊपर में पाकिस्तान और उसके आसपास बना हुआ है। इसके अतिरिक्त आंध्रप्रदेश के तट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना गया। इस मौसम प्रणाली की वजह से मध्यप्रदेश में कुछ नमी आ रही है। वहीं राजस्थान के ऊपर एक चक्रवात बना हुआ है, जिसकी वजह से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। डॉ. ममता के अनुसार मध्य प्रदेश पर इसका असर अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में दिखाई देने की संभावना है।


दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी मौसम विज्ञान स्थितियां पर आधारित है। राजस्थान पर प्रेरित चक्रवात बनने से संकेत मिलने लगता है कि मानसून की वापसी शुरू हो गई है। इसके अलावा पिछले 5 दिन के दौरान कोई वर्षा नहीं हुई है और जल वाष्प इमेजरी क्षेत्र में शुष्क मौसम की स्थिति आदि का संकेत देती है। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि मानसून के ऑनसेट होने और उसकी विदाई के लिए कई फैक्टर्स देखें जाते है और उसके बाद ही घोषणा की जाती है प्रति चक्रवात का बनना मानसून की वापसी का एक और संकेत होता है। राजस्थान में प्रति चक्रवात बनने से इसके संकेत मिलने लगे हैं। मानसून विड्रॉल का एक सेक्टर पश्चिमी हवा भी है, क्योंकि पश्चिमी हवाएं बादलों को बरसने से रोकती है। ठीक इसके उलट पूरे मध्यप्रदेश में पूर्वी हवाओं के चलने से बादल बरसते हैं। अब पश्चिमी हवाएं मानसून विदाई के संकेत देने लगेगी। मानसून राजस्थान से विदाई लेते हुए उससे लगे उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग से भी कुछ दिन बाद विदा होने लगेगा। राजधानी से मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में संभव है।

Sanju Suryawanshi

Sanju Suryawanshi

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