शनिवार, 07 मार्च 2026
Logo
National
शिवराज बोले - गरीबी, अशांति और अब ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं का समाधान सनातन धर्म के मूल में है
अभी-अभी 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
शिवराज बोले - गरीबी, अशांति और अब ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं का समाधान सनातन धर्म के मूल में है
News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
News World Desk

हरिद्वार, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। हरिद्वार में 'वैश्विक चुनौतियों का सनातन समाधान- एकात्म बोध' पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, विश्व असमानता, गरीबी, अशांति और अब ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। कई मामलों में विश्व कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नेतृत्व कर रहे हैं। इन समस्याओं का समाधान हमारे सनातन धर्म के मूल में है। 

 


मुख्यमंत्री ने कहा, 'सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुख भागभवेत।' का मंत्र हमारे ऋषियों ने दिया। विश्व के कल्याण की कामना करने वाला यह देश आज भी विश्व को राह दिखा रहा है। उन्होंने कहा - विश्व ने विकास के क्रम में सामाजिक व्यवस्था देखी, औद्योगिक क्रांतियां हुईं और पूंजी का स्वामित्व आया, लेकिन किसी भी दशा में मनुष्य सुख को प्राप्त नहीं कर सका। ऐसे में भारत द्वारा प्रतिपादित दर्शन ही मनुष्य को सुखी करने का मार्ग दिखाता रहा है। 
 

उन्होंने कहा, जब कोई किसी व्यक्ति के कार्य की प्रशंसा करता है, तो मन आनंदित हो जाता है। इसे मन का सुख कहते हैं। व्यक्ति को जीने के लिए मन, शरीर और बुद्धि का भी सुख चाहिये। उन्होंने कहा, परोपकार या कोई भी अच्छा कार्य करके व्यक्ति को जो सुख मिलता है, उसे आत्मा का सुख कहते हैं। भारतीय संस्कृति में स्वयं के ही सुख का नहीं, सबके कल्याण की कामना की गई है।
 

मुख्यमंत्री ने कहा - सनातन धर्म में ही देवी-देवताओं के साथ पशु-पक्षी वाहन के रूप में पूजनीय है। हमारे देश में तो पेड़-पौधों को भी पूजनीय माना गया है। ग्लोबल वार्मिंग के दौर में दुनिया चिंतित है और हम आदिकाल से प्रकृति का संरक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा - आज धरती का शोषण हो रहा है, इसलिए विश्व अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है। हमारी संस्कृति और परंपराओं में पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, ग्रह, नक्षत्र, तारे, नदी की पूजा का विधान है। इसी से प्रकृति और धरती बचेगी। 

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें