
रायपुर। बस्तर के बीजापुर जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। गंगालूर इलाके के एंड्री जंगलों में नक्सलियों की भारी मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाया। इलाके में घुसते ही नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने मोर्चा संभालते हुए 18 माओवादियों को ढेर कर दिया। अभी तक मुठभेड़ जारी है और इलाके की सघन तलाशी ली जा रही है।
कांकेर में 4 माओवादी ढेर, हथियार बरामद
दूसरी ओर, कांकेर-नारायणपुर सरहदी इलाके में भी सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। गुरुवार सुबह डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने सर्चिंग अभियान के दौरान माओवादियों को घेर लिया। जवाबी गोलीबारी में 4 माओवादी मारे गए और उनके कब्जे से ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान रुक-रुककर फायरिंग जारी है और सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।
नक्सल एडीजी ने की पुष्टि, मुठभेड़ जारी
पूरे घटनाक्रम की पुष्टि नक्सल ऑपरेशन के एडीजी विवेकानंद सिन्हा ने की है। उन्होंने बताया कि बीजापुर और कांकेर दोनों ही इलाकों में मुठभेड़ अभी जारी है और अभियान पूरा होने के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी। अब तक 22 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
गृह मंत्री विजय शर्मा का बयान: 'शहीद जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा'
इस बड़ी कार्रवाई पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, "बीजापुर और दंतेवाड़ा के गंगालूर में सुरक्षाबलों ने वीरता का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। 18 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, एक जवान इस मुठभेड़ में शहीद हुआ है। छत्तीसगढ़ सरकार शहीद जवान के परिवार के साथ खड़ी है।"
गृह मंत्री ने आगे कहा, "यह ऑपरेशन सुरक्षाबलों की साहसिक रणनीति का परिणाम है। अब बीजापुर और बस्तर क्षेत्र लाल आतंक से मुक्त होने की ओर बढ़ रहे हैं। मुठभेड़ के बाद मारे गए नक्सलियों की पहचान का काम अभी बाकी है।"
नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई
मुठभेड़ के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। सर्च ऑपरेशन अभी जारी है और सुरक्षाबलों ने आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
माओवादी खौफ का अंत नजदीक
बस्तर और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार चल रही सुरक्षाबलों की कार्रवाई से माओवादी संगठन बिखरते नजर आ रहे हैं। बीजापुर और कांकेर में हुई इस कार्रवाई को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब अंतिम नक्सली सफाए तक अभियान जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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