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बदलते बस्तर से रूबरू हुए दिल्ली से आए 43 इंफ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स

29 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बदलते बस्तर से रूबरू हुए दिल्ली से आए 43 इंफ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। कभी नक्सल हिंसा और भय की खबरों से पहचाने जाने वाला बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। इसी बदलाव को करीब से समझने के लिए दिल्ली से आए 43 इंफ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने बस्तर का भ्रमण किया। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे प्रयासों को भी देखा।


भ्रमण के दौरान इंफ्लुएंसर्स नेतानार स्थित शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा पहुंचे। यहां उन्होंने महिलाओं के लिए संचालित सिलाई-कढ़ाई और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को करीब से जाना। प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं से संवाद कर उन्होंने प्रशिक्षण, रोजगार के अवसरों और उससे परिवार की अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलावों की जानकारी ली।


 नेतानार की महिलाओं के हाथों में चलती सिलाई मशीनें बस्तर में बदलते सामाजिक परिवेश की तस्वीर पेश करती हैं। स्वरोजगार से जुड़ने के प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।


शहीद वीर गुंडाधुर के योगदान को भी जाना

इंफ्लुएंसर्स ने शहीद वीर गुंडाधुर के जीवन और बस्तर के इतिहास में उनके योगदान को भी जाना। ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान विकास की यह तस्वीर उनके लिए बस्तर को समझने का अलग अनुभव रही। डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स स्थानीय लोगों से संवाद किया और महिलाओं की स्वरोजगार गतिविधियां को देखा। 


बस्तर के इस अनुभव को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे

अब ये 43 इंफ्लुएंसर्स अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बस्तर के इस अनुभव को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे। उनके कंटेंट में पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ स्थानीय संस्कृति, इतिहास, जनजीवन और बदलते सामाजिक परिवेश की झलक दिखाई देगी।


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