
रायपुर। लक्षद्वीप के अब्दुल फताह ने अपने कड़े संघर्ष से सफलता की सशक्त कहानी लिखी है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 7.03 मीटर लंबी छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में विजेता बनकर उन्होंने लक्षद्वीप की झोली में पहला पदक डाला है।
अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं। मछुआरे का काम करके अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक अलग सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इसी की बदौलत उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है।
मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें आर्थिक तंगी की वजह से आगे की पढ़ाई रोकनी पड़ी। उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बंटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया। फताह ने कहा कि आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है।
फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे
फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे। कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया। तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढांचा मिला।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

