
रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों के ई-केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा कर लिया गया है। जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है।
छत्तीसगढ़ ने केरलम, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे छोटे राज्यों और कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में लगभग 58.16 लाख से ज्यादा मजदूरों की डिजिटल सत्यापन पूरा किया गया है। यह डिजिटल प्रक्रिया फर्जी जॉब कार्डों को हटाने और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी पहुंचाने में मदद कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपलब्धि पर व्यक्त की प्रसन्नता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण और उन्हें योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ई-केवाईसी के माध्यम से श्रमिकों को समय पर भुगतान व योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
प्रदेश को 100 प्रतिशत ई-केवाईसी लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए: विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी से न केवल “मस्टर रोल में फर्जी उपस्थिति पर रोक लगी है, बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में भी पारदर्शिता आई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों को भी जल्द पूरा कर प्रदेश को 100 प्रतिशत ई-केवाईसी लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए।
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