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राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण न करने वाले अधिकारियों पर की जाए कार्रवाई: टंकराम वर्मा

17 जून, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण न करने वाले अधिकारियों पर की जाए कार्रवाई: टंकराम वर्मा

राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण न करने वाले अधिकारियों पर की जाए कार्रवाई: टंकराम वर्मा

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंगलवार को महानदी भवन, नवा रायपुर में राजस्व विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति, क्रियान्वयन के साथ भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर जोर दिया।  मंत्री ने कहा कि निर्धारित अवधि में प्रकरणों का निस्तारण न करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

  

राजस्व मंत्री ने डिजिटल भू-अभिलेख, ई-गिरदावरी, ड्रोन सर्वे आधारित स्वामित्व योजना, नक्शा परियोजना तथा त्रिवर्षीय भू-सर्वेक्षण कार्यक्रम की जानी। विभाग को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को तत्काल और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिसमें राजस्व विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। 


अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश

राजस्व टंकराम वर्मा ने विभाग के पदोन्नत अधिकारियों को एकतरफा भारमुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग राज्य शासन की रीढ़ है, इसकी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता से ही आम जनता का विश्वास सुदृढ़ होता है। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने और जनता की समस्याओं का तत्पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 


आमजन को अधिक पारदर्शी सेवाएं प्रदान की जाएं

राजस्व मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रक्रियाओं को अपनाकर आमजन को अधिक पारदर्शी एवं दक्ष सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने एनडीआरएफ के आधुनिकीकरण, पर्यावरणीय अवसंरचना, स्वीकृत कार्यों की प्रगति एवं व्यय की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। 


काम में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में विभागीय दस्तावेजों जैसे मिसल, निस्तार पत्रक एवं न्यायालयीन प्रकरणों के डिजिटलीकरण की समीक्षा हुई। इसके अंतर्गत राज्य न्यायालय के दस्तावेजों को ऑनलाइन एवं कियोस्क के माध्यम से उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का मूल्यांकन किया गया। भूमि अभिलेखों की त्रिवर्षीय कार्ययोजना, ई-गिरदावरी, नक्शा परियोजनाओं, स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वे, किसान पंजीयन तथा लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में आकाशीय बिजली, बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा हेतु की गई तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गई।

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