
रायपुर। जशपुर जिले की सभी 44 सहकारी समितियों को चरणबद्ध तरीके से कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे लोगों को विभिन्न सरकारी, बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाओं के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। गांव में ही 20 से अधिक डिजिटल सेवाएं मिलेंगी।
जिला पंचायत जशपुर के सभागार में कॉमन सर्विस सेंटर संचालन एवं डिजिटल सेवाओं के विस्तार को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राज्य परियोजना प्रबंधक सुरेन्द्र कुमार दास ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों, समिति प्रबंधकों, कम्प्यूटर ऑपरेटरों और कर्मचारियों को सीएससी संचालन, डिजिटल सेवाओं के विस्तार व लैम्प्स के माध्यम से सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि सीएससी के माध्यम से ग्रामीणों को आधार आधारित सेवाएं, बिजली व पानी के बिलों का भुगतान, मोबाइल और डीटीएच रिचार्ज, बैंकिंग एवं बीमा सेवाएं, डिजिटल भुगतान, किसान हितग्राही सेवाएं तथा विभिन्न ई-गवर्नेंस सेवाओं सहित 20 से अधिक डिजिटल सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में बताया गया कि पैक्स पुनर्गठन-2025 के बाद जशपुर जिले में 20 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। राज्य शासन की प्राथमिकता इन समितियों को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे समितियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही सहजता से उपलब्ध हो सकेंगी।
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