
भोपाल। रतलाम में मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल गाड़ियों में पानी मिले डीजल डालने की घटना सामने आने के बाद प्रदेश सरकार सभी पेट्रोल पंपों की जांच कराने जा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पेट्रोल पंपों की गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि उपभोक्ताओं को हर हाल में गुणवत्तायुक्त पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ऑयल कंपनियों के साथ बैठक कर जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। रतलाम में कई वाहनों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के पेट्रोल पंप शक्ति फ्यूल पॉइंट डोसीगाँव से डीजल भरवाया गया था। डीजल में पानी होने से वाहन बंद होने की घटना प्रकाश में आई है।
खाद्य विभाग जिला रतलाम के अधिकारियों ने पंप की जांच की। जांच में पेट्रोल और डीजल के सैम्पल लेकर बीपीसीएल लैब मांगलिया इंदौर भेजे गए हैं। इस प्रकरण में दोषी पंप संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। पंप पर उपलब्ध 5995 लीटर पेट्रोल और 10657 लीटर डीजल जब्त कर पंप को सील किया गया है।
कंपनी से मांगी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट
अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरूण शमी ने इस घटना के संबंध में 27 जून को ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड एवं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की गत दिवस बैठक ली। उन्होंने घटना के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश बीपीसीएल को दिए। बारिश के मौसम को देखते हुए ऑयल कंपनियों को प्रदेश के समस्त पेट्रोल पम्पों का निर्धारित चेकलिस्ट अनुसार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में यह आवश्यक रूप से देखा जाएगा कि पेट्रोल पम्पों के भूमिगत टैंकों में पानी का रिसाव तो नहीं हो रहा है। यदि ऐसा पाया जाता है तो पानी के रिसाव को रोकने संबंधी एवं उपभोक्ताओं को सही गुणवता का डीजल और पेट्रोल देने के लिए कदम उठाने होंगे।
नियमित निरीक्षणों की जांच रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जाए
बैठक में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पेट्रोल पंप की जांच की जाए, जिसमें प्रतिदिन सुबह किए जाने वाला निरीक्षण एवं समय-समय पर किए जाने वाले नियमित निरीक्षणों की जांच रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जाए। इस संबंध में जरूरी साफ्टवेयर का निर्माण करने के लिए भी कहा गया है। सभी आयल कंपनी के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में उनकी तरफ से कोई समस्या नहीं आएगी और पेट्रोल पंपों की संघन जांच की जायेगी। पेट्रोल पम्पों पर आवश्यक नागरिक सुविधाओं जैसे निःशुल्क हवा, पेय जल, महिला एवं पुरुष के लिए पृथक-पृथक शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश ऑयल कंपनियों को दिए गए। साथ ही पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध शौचालयों की प्रतिदिन साफ सफाई करने के भी निर्देश भी दिए गए।
उपभोक्ता को पानी मिला या खराब गुणवत्ता का पेट्रोलियम उत्पाद न दिया जाए
अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरूण शमी ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए है कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले सभी पेट्रोल पंप की खाद्य, राजस्व, नापतौल और ऑयल कंपनी के अधिकारियों का दल बनाकर जांच कराएं। जांच में पेट्रोल पंपों के भूमिगत टैंकों में किसी प्रकार का जल रिसाव रोकने तथा पेट्रोल पंप के नोजल से सही गुणवत्ता का डीजल एवं पेट्रोल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी स्थिति में किसी भी उपभोक्ता को पानी मिला या खराब गुणवत्ता का पेट्रोलियम उत्पाद न दिया जाए।
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