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भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में विराजमान हैं आदिशक्ति के कई पवित्र स्वरूप : विष्णु देव साय

23 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में विराजमान हैं आदिशक्ति के कई पवित्र स्वरूप : विष्णु देव साय
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। ‘भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आदिशक्ति के कई पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। सरकार प्रदेश की इस समृद्ध धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।’ ये बातें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के पास आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के दौरान कहीं। 


मुख्यमंत्री अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ के अंतिम दिवस कथा सुनने पहुंचे थे। उन्होंने विधिविधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ प्रदेश में धार्मिक व आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है। हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है। आज उन्हें भी सपत्नीक इस पुण्य कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग का परिचायक है।


प्रदेश के चारों दिशाओं में अलग-अलग स्वरूपों में भगवान महादेव विराजमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के चारों दिशाओं में अलग-अलग स्वरूपों में भगवान महादेव विराजमान हैं। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम में भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव, सिरपुर में गंधेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव सहित अनेक प्राचीन शिवधाम हमारी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर खुशहाली एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।


इनकी रही उपस्थिति: वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के श्री दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


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