सोमवार, 22 जून 2026
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भोरमदेव शक्कर कारखाना ने रचा भुगतान का रिकॉर्ड, डिप्टी सीएम विजय शर्मा की उपस्थिति में 29.83 करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में जारी

22 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोरमदेव शक्कर कारखाना ने रचा भुगतान का रिकॉर्ड, डिप्टी सीएम विजय शर्मा की उपस्थिति में 29.83 करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में जारी
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। कबीरधाम जिले का भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना गन्ना किसानों के भुगतान के मामले में देश के लिए मिसाल बना है। लगातार दूसरे वर्ष कारखाने ने जून माह में ही किसानों को समर्थन मूल्य और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर देश के सहकारी शक्कर उद्योग में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 


डिप्टी सीएम विजय शर्मा की उपस्थिति में 29.83 करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित किए गए। इसमें 6.91 करोड़ रुपये एफआरपी की शेष राशि और 22.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त रिकवरी राशि शामिल है। इसके साथ ही पेराई सत्र 2025-26 में किसानों को कुल 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा हो गया है। यह कारखाना केवल चीनी उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे और सहकारिता की सफलता का प्रतीक बन गया है।


भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के चेयरमैन व कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में अपनाई गई पारदर्शी और किसान-केंद्रित कार्यप्रणाली ने इसे देश के अग्रणी सहकारी शक्कर कारखानों में शामिल कर दिया है।


चार लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आर्थिक भुगतान नहीं, बल्कि किसानों और सहकारिता व्यवस्था के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों किसानों का अपना संस्थान है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन और आपूर्ति करने का आह्वान करते हुए आगामी सत्र में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।


श्रमिकों को मात्र पांच रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा भोजन

भोरमदेव शक्कर कारखाना महज समय पर भुगतान नहीं बल्कि किसान हितैषी नवाचारों के कारण भी चर्चा में है। लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी, रियायती दर पर शक्कर वितरण में सहभागिता, ‘बलराम सदन‘ कृषक प्रतीक्षालय, मिट्टी परीक्षण सुविधा, प्रेसमड वितरण, उन्नत गन्ना बीज एवं सीडलिंग और नियमित प्रशिक्षण जैसी पहलें किसानों की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं। वहीं, कारखाना परिसर में संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को मात्र पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।



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