
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से भी मुलाकात की। इस दौरान बस्तर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि बोधघाट परियोजना बस्तर की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र दशकों से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है। वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस क्षेत्र को नक्सल हिंसा से मुक्त कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बस्तर के लिए प्रस्तावित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया नक्सल प्रभाव में आई है कमी
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि बस्तर क्षेत्र में अब नक्सल प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। ऐसे में बोधघाट जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण संबंधी आवश्यक पहल करने पर भी चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने परियोजना से संबंधित प्रस्तावों का जल्द तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आशा व्यक्त की, कि केंद्र सरकार के सहयोग से बोधघाट परियोजना जल्द साकार रूप लेगी। यह बस्तर की आर्थिक उन्नति और सामाजिक बदलाव का प्रमुख आधार बनेगी।
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