
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025 का 25वां बजट पेश किया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बजट को ‘GATI’ थीम पर तैयार किया, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा को खास प्राथमिकता दी गई है।
महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रूपए
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है। पहले 3000 करोड़ रूपए का बजट प्रस्तावित था, जिसे बढ़ाकर 5500 करोड़ रूपए कर दिया गया। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बजट में 83.33% की वृद्धि की गई है।
क्या है महतारी वंदन योजना?
इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई थी। राज्य की पात्र महिलाओं को हर माह 1000 रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। एक साल में कुल 12,000 रूपए मिलते हैं।
महिलाओं के लिए अन्य योजनाएं और बजट प्रावधान
लखपति दीदी योजना – अगले तीन साल में 8 लाख से ज्यादा महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य।
वर्किंग वूमेन हॉस्टल – 7 नए हॉस्टलों के लिए 79 करोड़ रूपए का बजट।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना – 5 करोड़ रूपए का प्रावधान।
सखी सेंटर – महिलाओं के लिए 20 करोड़ रूपए का बजट।
नए आंगनबाड़ी केंद्र – 42 करोड़ रूपए का प्रावधान।
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए बड़ा कदम उठाया है। खासकर महतारी वंदन योजना का बजट बढ़ाकर 5500 करोड़ रूपए करना एक ऐतिहासिक फैसला है। इसके अलावा, लखपति दीदी योजना, सखी सेंटर और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसी योजनाएं भी महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूत करेंगी।
क्या है ‘GATI’ थीम?
वित्त मंत्री ने ‘GATI’ को चार प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ा है:
G (Good Governance) – सुशासन
A (Accelerating Infrastructure) – बुनियादी ढांचे में तेजी
T (Technology) – तकनीकी विकास
I (Industrial Growth) – औद्योगिक विकास
बजट का कुल अनुमानित आकार
वित्त मंत्री ने 1 लाख 65 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश किया, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
राज्य में 12 नए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 8 शासकीय नर्सिंग कॉलेज हैं।
नई घोषणा के तहत 12 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे।
इसके लिए 34 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
नए नर्सिंग कॉलेज इन जिलों में स्थापित किए जाएंगे:
बलरामपुर
दंतेवाड़ा
बीजापुर
कुरूद
जांजगीर-चांपा
नया रायपुर
बैकुंठपुर
कांकेर
कोरबा
महासमुंद
बजट में यह भी खास
प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास योजनाएं
रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल – सर्वेक्षण कार्य के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान।
मुख्यमंत्री रिंग रोड योजना – नगर निगमों में सुनियोजित सड़क निर्माण के लिए नई योजना की शुरुआत।
स्टेट केपिटल रीजन कार्यालय – छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक नई पहल।
राजस्व विवादों को रोकने के लिए सुधार – हक, त्याग एवं बंटवारे में लगने वाले लाखों रुपये के शुल्क को घटाकर मात्र ₹500 किया जाएगा।
CM Excellence Award – प्रशासनिक दक्षता को प्रोत्साहन देने के लिए उत्कृष्ट लोक सेवकों को सम्मानित करने की योजना।
शिक्षा और कौशल विकास में बड़े कदम
National Institute of Fashion Technology (NIFT) – ₹50 करोड़ की लागत से नवा रायपुर अटल नगर में स्थापना।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना – युवाओं के प्रासंगिक कौशल विकास के लिए बजट प्रावधान।
Student Startup Innovation Policy (SSIP) – युवाओं की रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई नीति।
स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार
दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण – डीएमएफ फंड से ₹250 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित।
खेल को प्रोत्साहन देने के लिए योजनाएं
जशपुर जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार –फुटबॉल स्टेडियम, बैडमिंटन कोर्ट, मिनी स्टेडियम और इंडोर हॉल के निर्माण के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान। जशपुर को खेल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम।
छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना – खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और सुविधाएं देने के लिए नई योजना।
10 जिलों में बहुउद्देशीय स्टेडियम निर्माण – सारंगढ़-बिलाईगढ़, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सक्ती, गरियाबंद, महासमुंद, बेमेतरा, कांकेर और बिलासपुर में ₹15 करोड़ की लागत से स्टेडियम बनाए जाएंगे।
धार्मिक और सांस्कृतिक विकास के लिए योजनाएं
तीर्थ यात्रा योजना – हरिद्वार, पुरी, द्वारका, वैष्णो देवी सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए ₹15 करोड़ का प्रावधान।
अनुसूचित जनजातियों के पूजा स्थलों का विकास – इसके लिए ₹2.5 करोड़ का बजट।
आवास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देने हेतु ₹875 करोड़ का बजट।
मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना – नए घर में प्रवेश करने वाले परिवारों के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान।
Home Stay Policy – पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ₹5 करोड़ का बजट।

नई परंपरा की शुरुआत, वित्त मंत्री ने हस्तलिखित बजट किया पेश
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को नई परंपरा की शुरुआत हुई। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया।

यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है।
इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं। इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
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