सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
Logo
Chhattisgarh

राखी को जमीन में दबाने पर निकलेंगे धान, मक्का, लौकी, करेला, सेमी, कुम्हड़ा, भिंडी, उड़द, मसूर, मूंगफली के पौधे

25 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
राखी को जमीन में दबाने पर निकलेंगे धान, मक्का, लौकी, करेला, सेमी, कुम्हड़ा, भिंडी, उड़द, मसूर, मूंगफली के पौधे
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। रायगढ़ जिले में इस बार रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश भी देगा। बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, मक्का, बरबट्टी, लौकी, करेला, सेमी, कुम्हड़ा, भिंडी, उड़द, मसूर और मूंगफली सहित स्थानीय बीजों से आकर्षक बीज राखियां तैयार कर रही हैं।


बीज राखी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सातों विकासखंडों में प्रतियोगिता आयोजित कर उत्कृष्ट राखियां तैयार करने वाली महिलाओं का चयन किया गया। चयनित महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई बीज राखियां पहनाईं। कलेक्टर ने महिलाओं को प्रशस्तिपत्र और उपहार देकर सम्मानित किया।


कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप स्व-सहायता समूह की महिलाओं को नवाचार, सशक्तिकरण और आजीविका से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संसाधनों और हुनर से महिलाएं आय के नए साधन विकसित कर रही हैं।


बीज राखियों की विशेषता 

बीज राखियों की विशेषता यह है कि उपयोग के बाद इन्हें मिट्टी में दबाने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकते हैं। कम लागत, आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण हितैषी स्वरूप के कारण इनकी मांग बढ़ रही है। इस तरह बीज राखी भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ प्रकृति संरक्षण और हरियाली का सुंदर संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगी।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें