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सीजी-रेरा की कार्रवाई: प्रमोटर आवंटी को देगा ₹6.87 लाख ब्याज, हर महीने भी चुकाने होंगे 7,314 रुपए

27 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सीजी-रेरा की कार्रवाई: प्रमोटर आवंटी को देगा ₹6.87 लाख ब्याज, हर महीने भी चुकाने होंगे 7,314 रुपए
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी-रेरा) ने रायपुर के सेजबहार स्थित ‘वात्सल्य गौरव-1, फेज-1’ परियोजना में विकास कार्य अधूरे रहने और पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लेने पर प्रमोटर को आवंटी के पक्ष में 6 लाख 87 हजार 496 रुपये ब्याज चुकाने का आदेश दिया है। पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने तक हर महीने 7,314 रुपये अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा।


प्राधिकरण ने पाया कि परियोजना में स्वीकृत ले-आउट के मुताबिक विकास कार्य पूरे नहीं किए गए और सक्षम प्राधिकारी से पूर्णता प्रमाण पत्र भी प्राप्त नहीं किया गया। इसे अपूर्ण परियोजना मानते हुए रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 18 के तहत ब्याज भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक, आवंटी की ओर से जमा 8 लाख 12 हजार 643 रुपये की राशि पर वर्ष 2019 से अक्टूबर 2026 तक 10.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की गणना की गई है। इसके तहत प्रमोटर को 6.87 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करना होगा। 1 नवंबर 2026 से पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने तक हर महीने 7,314 रुपये भी देने होंगे।


बिना रेरा पंजीयन के परियोजना पर अलग कार्रवाई

प्राधिकरण ने परियोजना का रेरा पंजीयन नहीं कराए जाने को भी गंभीरता से लिया है। धारा 3 के तहत पंजीयन अनिवार्य होने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने पर प्रमोटर के खिलाफ धारा 59 के अंतर्गत अलग प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। सीजी-रेरा ने स्पष्ट किया कि भूखंड बेच देने भर से प्रमोटर की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। सड़क, नाली, बिजली, पेयजल सहित जरूरी आधारभूत सुविधाएं विकसित करना और निर्धारित प्रमाण पत्र हासिल करना उसकी वैधानिक जिम्मेदारी है। आदेश से साफ है कि परियोजना अधूरी छोड़ने और रेरा नियमों की अनदेखी करने पर प्रमोटर को आर्थिक दायित्व के साथ अलग कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

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