
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हर घर नल (जल जीवन मिशन) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्य करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टरों से कहा कि वे प्रत्येक माह जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करें। मुख्य सचिव ने पूरी हो चुकी व हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा की। निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में केंद्र सरकार की ओर से सभी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। राज्य का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना से महिलाओं का समय बचेगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में मुख्य सचिव की ओर से दिए गए ये निर्देश
. जिला कलेक्टर समयबद्ध तरीके से रनिंग बिलों के भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करें, जिससे निर्माण कार्य बाधित न हो।
. वीबी-जी राम जी व स्थानीय संसाधनों, जिला खनिज न्यास, सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर और अन्य उपलब्ध स्रोतों से आवश्यक वित्तीय व्यवस्था कर योजनाओं को पूर्ण किया जाए।
. प्रत्येक जिले जलस्रोतों का आकलन कर नए स्रोतों की पहचान करें, जलस्रोत संरक्षण व रिचार्ज व्यवस्था विकसित करें और प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करें।
. जिन योजनाओं में वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की जाए।
. हर घर जल के लिए नया लक्ष्य निर्धारित करें और गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत नल जल कवरेज सुनिश्चित करें। जिला जल व स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित की जाए।
. प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए। जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए।
. सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, जिससे राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके।
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