
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में पदस्थ प्राचार्यों के पदीय कार्यों और दायित्वों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार सभी शासकीय हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य विद्यालय से संबंधित समस्त प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का निर्वहन करेंगे। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार प्रतिदिन न्यूनतम दो कालखंड पढ़ाएंगे भी।
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए प्राचार्यों की प्रशासनिक, वित्तीय और शैक्षणिक जिम्मेदारियां स्पष्ट की हैं। जिससे प्राचार्यों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। विभाग ने विद्यालयों में उपलब्ध भवन और कक्षों के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। विद्यालय भवन के ड्राइंग डिजाइन के अनुसार प्राचार्य, लिपिक और अन्य स्टाफ अपने निर्धारित कक्ष में ही बैठेंगे। इससे विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों के लिए निर्धारित स्थान का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बड़े कक्षों का उपयोग पढ़ाई के लिए
निर्देश में यह भी कहा गया है कि विद्यालय में स्थित बड़े कक्षों का उपयोग छात्र-छात्राओं के अध्ययन एवं अध्यापन कार्य के लिए किया जाएगा। इन कक्षों का उपयोग प्रशासनिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शिक्षण स्थान का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। स्कूल शिक्षा विभाग के इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य विद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी बनाना है।
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