
रायपुर। प्रदेश के गांवों के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए 2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। योजना में ग्रामीण स्वयं अपने गांव की जरूरतों, समस्याओं और विकास की प्राथमिकताएं तय करने में भागीदारी निभाएंगे। ग्राम सभा से प्राप्त सुझावों, स्थानीय संसाधनों और विकास संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर आगामी विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
दो अक्टूबर को प्रदेश की ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं में योजना निर्माण की औपचारिक शुरुआत होगी। ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के आधारभूत आंकड़ों, मानचित्रों, अनुमेय कार्यों और योजना तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। गांव की विकास संबंधी कमियों, जल बजट और ई-जल पोर्टल से प्राप्त अनुशंसित कार्यों पर भी चर्चा होगी।
साथ ही गांव में मौजूद ऐसी परिसंपत्तियों की पहचान की जाएगी, जो भौतिक रूप से उपलब्ध हैं, लेकिन डिजिटल अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं। बस्ती, वार्ड और ग्राम स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन और सामुदायिक परामर्श के लिए समय-सीमा भी तय की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य गांवों की विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों, संसाधनों और प्राथमिकताओं से जोड़कर अधिक सहभागी, पारदर्शी और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
अक्टूबर-नवंबर में गांव-गांव जुटाए जाएंगे सुझाव
सितंबर में योजना निर्माण की प्रारंभिक तैयारियां और अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल पर उपलब्ध मानचित्र परतों के आधार पर ग्राम पंचायतों का आधारभूत डेटा तैयार होगा। अक्टूबर और नवंबर में बस्ती व वार्ड स्तर पर बैठकें कर ग्रामीणों से समस्याओं, सुविधाओं, संसाधनों और प्रस्तावित विकास कार्यों के सुझाव लिए जाएंगे। इस दौरान परिसंपत्तियों का स्थल सत्यापन भी होगा और डिजिटल रिकॉर्ड से बाहर की परिसंपत्तियों को युक्तधारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों की जरूरतों के आधार पर विकास की कमियों और प्रस्तावित कार्यों के संभावित स्थानों को डिजिटल मानचित्र पर चिह्नित किया जाएगा।
दिसंबर में ग्राम सभा करेगी योजना पर मंथन
दिसंबर में तैयार योजना का प्रारूप ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। इसमें प्रस्तावित विकास कार्यों, उनके संभावित स्थानों और अन्य विवरण की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। व्यक्तिगत लाभार्थियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। सुझावों और विचार-विमर्श के बाद योजना में जरूरी संशोधन कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद ग्राम सभा औपचारिक प्रस्ताव पारित कर योजना को मंजूरी देगी और इसे विकासखंड स्तर पर भेजा जाएगा।
15 जनवरी तक ब्लॉक और जिला स्तर पर समेकन
ग्राम पंचायतों से अनुमोदित योजनाओं को 15 जनवरी तक विकासखंड और जिला स्तर पर समेकित किया जाएगा। विकासखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों की योजनाओं को एकीकृत कर संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण की जानकारी जोड़ी जाएगी। इसके बाद समेकित योजनाओं को जिला स्तर पर एकीकृत किया जाएगा।
जल सुरक्षा और आजीविका पर रहेगा जोर
विकसित ग्राम पंचायत योजना में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचना और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना में स्थानीय संसाधनों और ग्रामीणों की जरूरतों का आकलन कर विकास कार्य तय किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया में ग्राम सभा की सहमति को केंद्र में रखा गया है। ग्रामीणों की राय के आधार पर नए कार्य जोड़े जा सकेंगे और अनुपयुक्त प्रस्ताव हटाए जा सकेंगे।
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