
रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक हुई। इसमें जिलों की मॉनिटरिंग के लिए स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए, जिससे कलेक्टर स्तर पर योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके।
बैठक में कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने और पारस पोर्टल से जुड़े प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने को भी कहा गया। साथ धान खरीफ विपणन वर्ष की तैयारियों, पेयजल योजनाओं, शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन और उपचार की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। नगरीय विकास विभाग को विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप सिटी वाटर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग को ई-व्हीकल को बढ़ावा देने और खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने को कहा गया। सभी प्रमुख योजनाओं, विभागीय कार्यों और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
पेंशन प्रकरणों के निराकरण की निगरानी के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी विधिक प्रावधानों, नियमों और निर्देशों की संदर्भ प्रतियां ई-गजट पर अपलोड करने के निर्देश दिए। पेंशन प्रकरणों के विभागवार निराकरण की निगरानी, एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने और कर्मचारियों के क्षमता निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
30 सितंबर तक रिक्त पदों की जानकारी देने के निर्देश
बैठक में 30 सितंबर तक कर्मचारी चयन मंडल को रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव, ग्राम सभाओं की तैयारियों और सेवा सेतु की प्रगति की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि 38 विभागों की 907 सेवाएं फिलहाल सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति पर मुख्य सचिव ने दिया जोर
गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से विभिन्न विभागों से सूचनाएं एकत्र कर उनकी समेकित रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को क्षमता निर्माण, कार्यों की निगरानी और लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
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