
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singhरायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सुझाव पर छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने फीस विधि का निर्णय वापस ले लिया है। फार्मेसी काउंसिल की ओर से 8 मई 2025 को आयोजित आम सभा में नए पंजीयन और नवीनीकरण सहित अन्य फीस को बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय से फार्मासिस्ट और दवा व्यापारी परेशान थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखी थी।
छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल की ओर से फीस वृद्धि का निर्णय को 1 जून से लागू कर दिया गया था। फीस वृद्धि के बाद राज्य के विभिन्न फार्मासिस्ट संगठन और दवा व्यापारी संगठनों ने फीस वृद्धि पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी युवाओं और व्यापारी वर्ग के हितों का ध्यान रखते हुए फीस वृद्धि को लेकर काउंसिल के सदस्यों को सुझाव दिया था।
बढ़ी हुई फीस पर पुनर्विचार के लिए 2 जुलाई को काउंसिल का विशेष सम्मेलन नवीन विश्राम गृह रायपुर में आयोजित किया गया। इस विशेष बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने बढ़ी हुई फीस के विभिन्न बिन्दुओं पर पुनर्विचार किया। अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि फीस में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोविड महामारी काल में घटाए गए पंजीयन नवीनीकरण शुल्क को 300 रुपए की जगह फिर से 500 रुपए किया जाए। इस तरह पूर्व में लागू फीस ही याथावत रहेगी। साथ ही 1 जून 2025 से जिनसे भी बढ़ी हुई फीस ली गई है, उन फार्मासिस्टों को अतिरिक्त फीस को वापस किए जाने का निर्णय लिया गया।
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