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Chhattisgarh

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने थामी हल की मूठ, कहा- ‘खेती मेरे लिए महज आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार’

17 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने थामी हल की मूठ, कहा- ‘खेती मेरे लिए महज आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार’
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार सुबह जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया में खेत पहुंचे। पारंपरिक रूप से बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। हल की मूठ थामे हुए मुख्यमंत्री एक मझे हुए किसान की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कहा कि खेती उनके लिए महज आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार है। 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेती-किसानी से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ाव का सुख ही अलग है। हल की मूठ थामते ही खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी स्मृतियां एक बार फिर जीवंत हो उठती हैं। खेतों के बीच बिताया समय मन को असीम सुकून देने के साथ नई ऊर्जा से भर देता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद किसान परिवार से आते हैं। बचपन से खेती-किसानी को बहुत करीब से देखा और अनुभव किया है। गांव और खेतों ने ही उन्हें श्रम का सम्मान करना, प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की माटी, मेहनतकश किसानों और समृद्ध कृषि परंपराओं से जुड़ी हुई है। 


अर्थव्यवस्था व सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में खेती का महत्वपूर्ण स्थान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में खेती का महत्वपूर्ण स्थान है। पीढ़ियों से हमारे किसान अपने परिश्रम से धरती को सींचते हुए प्रदेश की समृद्धि की नींव मजबूत करते आए हैं। छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार, परंपराएं और ग्रामीण जीवन भी कृषि से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना महत्वपूर्ण है। खेती हमें परिश्रम, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। किसान खेत में केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि अपने श्रम से पूरे समाज के जीवन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी संबल देता है। 


किसानों की खुशहाली व खेती ही प्रदेश की समृद्धि का मजबूत आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, हमारी समृद्ध कृषि परंपरा और हमारे मेहनतकश अन्नदाता किसान सदैव उनके हृदय के सबसे करीब हैं। किसानों की खुशहाली और कृषि की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि का मजबूत आधार है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली तथा खेतों में भरपूर फसल की कामना की।



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