
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से संवाद किया। सुशासन तिहार के तहत महुआ पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। चरण पादुका भी पहनाई। वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार खुद लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा की और परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।
तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से बनी विशेष माला पहनाई
तेंदूपत्ता संग्राहकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से बनी विशेष माला पहनाई। इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी और वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना की और कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।
संग्राहकों को अपने हाथों से पहनाई चरण पादुका
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। तेंदू पत्ता संग्राहक महिलाओं को खुद चरण पादुका पहनाकर आत्मीयता और सम्मान का संदेश दिया।
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