
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रत्येक किसान को समय पर आवश्यक खाद व कृषि आदान उपलब्ध हो और खेती-किसानी का कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके। इसके लिए उर्वरकों की उपलब्धता, परिवहन, भंडारण व वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।
प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड और जिला प्रशासन के समन्वय से पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों की वजह से रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावनाओं को देखते हुए अग्रिम तैयारी की है।
उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण, समयबद्ध परिवहन और किसानों तक सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों, कृषि अधिकारियों, सहकारिता विभाग तथा मार्कफेड को विशेष निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।
जिलों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध
कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश में 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक खाद का स्टॉक गोदामों और सोसायटियों में उपलब्ध है। जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से केंद्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को इस खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित हुआ, जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश के गोदामों और समितियों में लगभग 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
कुल 6600 मीट्रिक टन यूरिया की आने वाली है खेप
कृषि विभाग के संचालक राहुल देव के मुताबिक किसानों को पर्याप्त खाद्य मिले इसके लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जून 2026 अंतर्गत 1 जून 2026 की स्थिति में रेक प्वाइंट तिल्दा, जिला रायपुर में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, रेक प्वाइंट बेलसोंडा महासमुंद 1316 मीट्रिक टन यूरिया इसी प्रकार रेक प्वाइंट खरसिया, जिला रायगढ़ 2646 मीट्रिक टन यूरिया और रेक प्वाइंट जिला बालोद में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, इस तरह कुल 6600 मीट्रिक टन यूरिया की खेप आने वाली हैं। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।
नैनो डीएपी व नैनो यूरिया के उपयोग पर जोर
राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक व प्रभावी उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों व विभागीय अधिकारियों की ओर से किसानों को इनके लाभों की जानकारी दी जा रही है, जिससे पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए कृषि लागत में कमी और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
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