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सीएम साय ने सोने की झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई, बोले- भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक

27 जून, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सीएम साय ने सोने की झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई, बोले- भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक

सीएम साय ने सोने की झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई, बोले- भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्यपाल रमेन डेका शुक्रवार को गायत्री नगर के जगन्नाथ मंदिर में आयोजित श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए। दोनों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री ने छेरापहरा की रस्म पूरी करते हुए सोने की झाड़ू से मार्ग बुहारकर (साफ करके) रथ यात्रा का शुभारंभ किया। भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक ले जाकर विराजित किया।

    

राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी ने भी भगवान जगन्नाथ की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। श्री जगन्नाथ मंदिर में विशेष विधि-विधान के साथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा के शुभारंभ से पहले भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया गया और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया गया। इस परंपरा को छेरापहरा कहा जाता है। रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। 


भगवान जगन्नाथ की कृपा से किसानों के घरों में आती है समृद्धि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की बधाई दी।  उन्होंने कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है।भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से वर्षा होती है, धान की बालियों में दूध भरता है और किसानों के घरों में समृद्धि आती है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की, कि इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। 


भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण तीर्थ है!

राजधानी के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरी की रथ यात्रा की तर्ज पर यह पुरानी परंपरा निभाई जाती है। मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच यह एक अटूट साझेदारी का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण तीर्थ है, जहां से वे जगन्नाथ पुरी में स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित मीठे बेर ग्रहण किए थे। यहां वर्तमान में नर-नारायण का भव्य मंदिर स्थापित है।


कई जनप्रतिधि हुए शामिल

रथ यात्रा महोत्सव में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, धर्मलाल कौशिक सहित अन्य गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

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