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बारिश के बीच समाधान शिविर में पहुंचे सीएम साय, विकास कार्यों की दी सौगात

31 मई, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बारिश के बीच समाधान शिविर में पहुंचे सीएम साय, विकास कार्यों की दी सौगात

बारिश के बीच समाधान शिविर में पहुंचे सीएम साय, विकास कार्यों की दी सौगात

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को रिमझिम बारिश के बीच  धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे। वहां के नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। इसमें हाईटेक बस स्टैंड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण को मंजूरी शामिल है। 

   

लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा था, जिसका 31 मई को धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया। मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया को देखा। अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 


213 करोड़ रुपये के विकास कार्याें की घोषणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले को 213 करोड़ रुपये के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रुपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रुपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रुपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।


40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, 95 फ़ीसदी का समाधान

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर में कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। अभियान के तहत प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।


लाखों हितग्राहियों को कराया जा चुका गृहप्रवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। 


सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


इनकी रही मौजूदगी

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री और धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, महापौर रामू रोहरा, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, पूर्व विधायक रंजना साहू की मौजूदगी रही है।

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