शुक्रवार, 31 जुलाई 2026
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले सीएम विष्णुदेव साय, यूरिया प्लांट, ऑल इंडिया आयुर्वेद संस्थान व 461 गांवों में स्थाई बिजली के लिए सहयोग का किया आग्रह

31 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले सीएम विष्णुदेव साय, यूरिया प्लांट, ऑल इंडिया आयुर्वेद संस्थान व 461 गांवों में स्थाई बिजली के लिए सहयोग का किया आग्रह
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रिपोर्ट: प्रशांत द्विवेदी 

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने बस्तर के समग्र विकास का रोडमैप प्रधानमंत्री के सामने रखा और राज्य की कई प्रमुख परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी दिए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि इसके लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य सरकार की सभी आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी हो चुकी हैं। परियोजना शुरू होने से किसानों को बड़ी सुविधा मिलेगी और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।


वहीं, जिन 461 गांवों में पहले सुरक्षा कारणों से बिजली का ग्रिड नहीं पहुंच पाया था और जहां फिलहाल ऑफ-ग्रिड बिजली व्यवस्था है, उन्हें स्थायी ग्रिड से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से विशेष सहायता देने का आग्रह किया गया। साथ ही रायपुर और बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया।


बस्तर अब तेज़ी से बदल रहा है

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को ‘बस्तर विजन’ की जानकारी दी और बताया कि बस्तर अब तेज़ी से बदल रहा है। ‘नियद नेल्लानार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है।जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब राशन, आयुष्मान भारत, जनधन, वनाधिकार और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।


बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया

मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। साथ ही दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, ताकि दूरदराज़ के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। वहीं, स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ा गया है। 


सड़क, रेल, बिजली व हवाई संपर्क तेजी से बढ़ रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बस्तर को कभी नक्सल हिंसा के लिए जाना जाता था, वहां अब सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही जगदलपुर से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उन्होंने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण और इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की भी जानकारी दी, जिससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।


पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास 

मुख्यमंत्री ने बस्तर की संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने की दिशा में काम चल रहा है। साथ ही चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में शांति, विश्वास और सकारात्मक माहौल को मजबूत किया है।


राज्य को 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में तेजी से बढ़ रहे निवेश की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर प्लांट, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट और चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं।


10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने लक्ष्य से अधिक 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है। अब सरकार अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।


राजकोषीय व राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी आई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य की मजबूत होती वित्तीय स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच प्रभावी संतुलन स्थापित किया है। राज्य में राजकोषीय एवं राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी आई है, जबकि जीएसटी  में 18 प्रतिशत और खनिज राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। देश के पहले टिन ब्लॉक एवं लिथियम ब्लॉक की नीलामी हुई है।


36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे लाखों आवेदनों का समयबद्ध निराकरण हुआ है। राजस्व मामलों में रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की व्यवस्था लागू की गई है, वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रभावी व्यवस्था बनाई गई है। इसके साथ ही आधार और वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराकर आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी और सुगम बनाई गई हैं।


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