
रायपुर। "रोग को हराना है तो योग को अपनाना है!" इसी संदेश के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जशपुर जिला मुख्यालय में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। योग की महत्ता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि "दिन के 24 घंटों में से कुछ समय योग के लिए जरूर निकालें। इससे न केवल गंभीर बीमारियां दूर होती हैं, बल्कि भविष्य में रोग होने की संभावना भी कम होती है।"
मुख्यमंत्री ने मंच से बच्चों की मानसिक एकाग्रता और युवाओं की ऊर्जा के लिए योग को अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राएं, अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
योग, हमारी प्राचीन धरोहर: मुख्यमंत्री
CM साय ने योग को भारत की सनातन परंपरा का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह कोई नई पद्धति नहीं, बल्कि ऋषि-मुनियों की दी गई जीवनशैली है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि, "2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर, आज इसे 175 से अधिक देशों में मान्यता दिलाई गई।"
500 विद्यार्थियों के लिए बनेगा आधुनिक नालंदा परिसर
मुख्यमंत्री ने जशपुर में ₹11.29 करोड़ की लागत से बनने वाले नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया। 2 एकड़ में बनने वाले इस परिसर में 500 छात्र एक साथ अध्ययन कर सकेंगे। परिसर में आकर्षक उद्यान भी विकसित होगा। यह विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए लाभकारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अब गांवों के छात्र भी बढ़-चढ़कर सफलता पा रहे हैं, इसलिए सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसरों की स्थापना की जाएगी।
107.81 करोड़ के 64 कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुल ₹107.81 करोड़ के 64 विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
इनमें शामिल हैं:
➡️ जशपुर विधानसभा क्षेत्र: ₹61.20 करोड़ के 85 कार्यों का भूमिपूजन, ₹15.80 करोड़ के 6 कार्यों का लोकार्पण
➡️ कुनकुरी विधानसभा (फरसाबहार ब्लॉक): ₹24.90 करोड़ के 15 कार्यों का भूमिपूजन, ₹5.91 करोड़ के 4 कार्यों का लोकार्पण
"योग कोई पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनशैली है"
योग आयोग अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा ने जशपुर की वादियों को योग के लिए उपयुक्त बताते हुए कहा कि, "यहां की जलवायु, चाय, काजू और नाशपाती जैसी फसलें इसे विशिष्ट बनाती हैं। योग निरंतर अभ्यास से आत्मसात की जाने वाली जीवनशैली है।"
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