
रायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को अपने निवास कार्यालय परिसर में उन्हें नमन किया और उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा व प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को अलग राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति अटल जी के मन में विशेष स्नेह था
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। उन्हें खुद भी अटल बिहारी वाजपेयी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।
अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व बहुआयामी था
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी। राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वाेपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वाेच्च ध्येय थी।
एक अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का किया गया गठन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।
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