
रायपुर। उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की है। उनके निर्देश पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। काम की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं पाए जाने पर विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 6 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान काम के पिछड़ने और लेटलतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। बस्तर जिले में केशलूर के पास 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा है कि साइट उपलब्ध होने के बावजूद मैन-पॉवर, मटेरियल और मशीनरी की खराब व्यवस्था के कारण अलग-अलग चरणों में निर्माण के समयबद्ध लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका है। कार्यस्थल पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे है और तय किए गए माइलस्टोन्स के अनुरूप नहीं है। विभाग की ओर से प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देश दिए गए और नोटिस जारी करने के बावजूद काम की गति असंतोषजनक है।
विभाग ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा है कि उपमुख्यमंत्री ने साइट के निरीक्षण के दौरान काम की बेहद धीमी प्रगति पर गंभीर चिंता जताई गई थी। उन्होंने ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर तत्काल पर्याप्त मैन-पॉवर, मशीनरी, सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जुटाकर काम में तेजी लाने और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
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