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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास व शहीद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने में तेजी लाने के दिए निर्देश, 109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण

11 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास व शहीद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने में तेजी लाने के दिए निर्देश, 109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महानदी भवन सभागार में नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं व माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास व शहीद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने में तेजी लाने के निर्देश दिए। 


उपमुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों के सम्मान में स्मारकों के निर्माण व लंबित प्रकरणों के निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने नक्सल पीड़ित परिवारों व पुनर्वासित युवाओं को मिल रही सहायता और सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति और शासकीय सेवा प्रदान किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। 


अधिकारियों की ओर से बताया गया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री ने प्रसन्नता की। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को भी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, जिससे नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक व वर्तमान स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।


शहीद स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के दिए निर्देश

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों व दिवंगत नागरिकों की स्मृति में घटना स्थल और संबंधित ग्रामों में बनाए जाने वाले 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे। इन स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को उपलब्ध हो सकेगी।


नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से नहीं रहना चाहिए वंचित

उपमुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण से अब तक नक्सल हिंसा में हताहत हुए लोगों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें अब तक प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष मुहिम चलाने, प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता व राहत का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।


गंभीर प्रकरणों को छोड़ बाकी का जल्द निराकरण कराने पर दिया जोर 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यूएपीए, जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द निराकृत किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का दल गठित कर 


पुनर्वासित युवाओं की नसबंदी खुलवाने के दिए निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।


इनकी रही मौजूदगी: बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारिक, सचिव नेहा चंपावत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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