
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उन्हें याद किया। उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिलीप सिंह जूदेव न केवल प्रखर राष्ट्रवादी थे बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के दृढ़ रक्षक भी थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दिलीप सिंह जूदेव ने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘घर वापसी’ अभियान एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से पुनः जोड़ने का कार्य किया। इस अवसर पर विधायक रायमुनी भगत भी उपस्थित रहीं।
जनजातीय अस्मिता के सशक्त प्रहरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिलीप सिंह जूदेव जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त प्रहरी थे। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए उन्होंने अनवरत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से समाज में राष्ट्रवादी चेतना का प्रसार हुआ और छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और अधिक जुड़ने का अवसर मिला।
राजनेता ही नहीं बल्कि एक विचारधारा के प्रतीक थे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दिलीप सिंह जूदेव केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्रवादी मूल्यों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य किया। उनकी दृढ़ता, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी को प्रेरित करता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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