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छत्तीसगढ़ में यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए अब जनता से सीधे संवाद, दुर्ग संभाग में 8 और 9 सितंबर को बैठक

07 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
छत्तीसगढ़ में यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए अब जनता से सीधे संवाद, दुर्ग संभाग में 8 और 9 सितंबर को बैठक
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी गई है। यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति अब सीधे ज़मीन पर उतरकर सामाजिक और प्रशासनिक समन्वय साधने में जुट गई है। इसी कड़ी में दुर्ग संभाग के सभी जिलों के प्रमुखों, प्रबुद्ध जनों और जनप्रतिनिधियों के साथ आगामी 8 और 9 सितंबर को एक वृहद समूह चर्चा और परिचयात्मक बैठक आयोजित करने जा रही है।


​यूसीसी के दूरगामी प्रभावों और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए यह संवाद प्रक्रिया शुरू की जा रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में दुर्ग संभाग के अलग-अलग जिलों को केंद्रित करते हुए बैठकें होंगी। आगामी ​8 सितंबर को दुर्ग में दोपहर 12 बजे से आयोजित इस बैठक में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी तरह ​9 सितंबर को राजनांदगांव में दोपहर 12 बजे से होने वाली बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का प्रतिनिधित्व रहेगा।


उद्देश्य एक ऐसा समावेशी ड्राफ्ट तैयार करना

कानून का खाका तैयार करने में समाज के हर तबके की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समिति ने एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है। इन बैठकों में राजनीतिक दलों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, पद्म श्री सम्मान से अलंकृत हस्तियों, निगम-मंडल व आयोगों के प्रतिनिधियों तथा प्रतिष्ठित व विशिष्ट नागरिकों को खासतौर पर आमंत्रित किया गया है। उद्देश्य एक ऐसा समावेशी ड्राफ्ट तैयार करना है, जो विधिक और सामाजिक दोनों पैमानों पर राज्य के हर नागरिक के हितों का संरक्षण कर सके।

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