गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
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किसानों को नवीन उन्नत किस्मों और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध होंगे, साईं कैबिनेट में फैसला

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किसानों को नवीन उन्नत किस्मों और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध होंगे, साईं कैबिनेट में फैसला

किसानों को नवीन उन्नत किस्मों और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध होंगे, साईं कैबिनेट में फैसला

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शनिवार को  मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। किसानों को नवीन उन्नत किस्मों और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध होंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम-2002 के नियम 4 में छूट प्रदत्त संस्थाओं की सूची में विस्तार करने का निर्णय लिया गया।

     

सर्वप्रथम बीज का उपार्जन बीज निगम की ओर से राज्य के पंजीकृत बीज उत्पादक किसानों से किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता की पूर्ति के लिए राज्य की बीज उत्पादक सहकारी समितियों, केंद्र और राज्य सरकार के बीज उत्पादन करने वाले उपक्रमों, नाफेड, म.प्र. बीज महासंघ की समितियां, केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी के रूप में चयनित संस्थाओं को बीज निगम की ओर से जारी ऑफर लेटर में से न्यूनतम मूल्य प्रस्तुत करने वाली संस्था या एजेंसी से किया जाएगा।


ये भी निर्णय लिए गए

- वित्तीय वर्ष 2024-2025 के तृतीय अनुपूरक और बजट अनुमान वर्ष 2025-2026 अनुमान का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई।

- छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई।

- छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के पंचम सत्र माह फरवरी-मार्च 2025 के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।

-  खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर किसानों से उपार्जित धान की शेष राशि का भुगतान करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को स्वीकृत अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि 3300 करोड़ रूपए की अनुमति को मंजूरी दी गई।

- मंत्रिपरिषद द्वारा बैंक गारंटी से संबंधित विलेखों पर स्टाम्प शुल्क की दरों के निर्धारण के लिए भारतीय स्टाम्प अधिनियम-1899 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

- छत्तीसगढ़ कैडर के भारतीय वन सेवा के 30 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण कर चुके 1992 से 1994 बैच तक के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ अधिकारियों को गैर कार्यात्मक आधार पर यथास्थान प्रधान मुख्य वन संरक्षक के समकक्ष स्केल प्रदाय करने के लिए आवश्यक पद सृजन का निर्णय लिया गया।

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