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Chhattisgarh

प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार में शामिल होने वाले प्रदेश के अभ्यर्थियों की फीस होगी वापस, कैबिनेट का निर्णय

17 अप्रैल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार में शामिल होने वाले प्रदेश के अभ्यर्थियों की फीस होगी वापस, कैबिनेट का निर्णय

प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार में शामिल होने वाले प्रदेश के अभ्यर्थियों की फीस होगी वापस, कैबिनेट का निर्णय

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल और विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड, सरगुजा/बस्तर/बिलासपुर की ओर से आयोजित परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के स्थानीय अभ्यर्थी जो परीक्षा या साक्षात्कार में उपस्थित होंगे, उनका परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा।

  

इस निर्णय के पीछे प्रदेश सरकार की मंशा यह है कि गंभीरता के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा में उपस्थिति का प्रतिशत बढ़ेगा। इसके साथ ही नॉन सीरियस कैंडिडेट और इनइलिजिबल कैंडिडेट परीक्षा फॉर्म नहीं भरेंगे। इसकी वजह से प्रदेश सरकार को होने वाली आर्थिक क्षति भी कम होगी। कैबिनेट की बैठक में अन्य कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


10 साल से अधिक पुराने मामलों में 25 हजार रुपए तक की वैट देनदारियां होंगी माफ

कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया।  छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज और शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।


एनआईएफटी के कैंपस को दी गई मंजूरी

नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) के कैंपस को मंजूरी दी गई।  कपड़ा मंत्रालय, केंद्र सरकार के अनुसार इस परियोजना की कुल संभावित लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी। इसमें भूमि क्रय हेतु 21.18 करोड़, भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ और मशीनरी, फर्नीचर आदि के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। एनआईएफटी देश में फैशन शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में कपड़ा मंत्रालय के तहत हुई थी। 


यह निर्णय भी लिए गए

-  मंत्रिपरिषद ने राज्य के नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए स्थापित किए जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों को रियायती लीज दरों पर शासकीय भूमि आवंटन किए जाने दी गई। आगे की कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग और संबंधित नगर निगमों को अधिकृत किया है।


-  राज्य में सहकारिता को प्रोत्साहन दिए जाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शक्कर वितरण के लिए अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक आवश्यक शक्कर का क्रय राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से करने का निर्णय लिया है। शक्कर का क्रय मूल्य 37,000 रुपए प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जीएसटी अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है।


- मंत्रिपरिषद ने स्थानीय रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है।

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