
रायपुर। प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर होनहार कलाकारों-छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। ऐसे लोगों से संस्कृति विभाग की ओर से आवेदन की मांग की गई है। आवेदन की आखिरी तारीख 30 अगस्त 2025 निश्चित है। इस बात का ध्यान रखना है कि आवेदन डाक के माध्यम से स्वीकार किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की ओर से होनहार पर आर्थिक रूप से कमजोर युवा कलाकारों को उच्च प्रशिक्षण, शिक्षा के लिए मदद करेगी। ऐसे छात्र-छात्राएं जो संगीत, नृत्य, प्रदर्शनकारी कला विधा में शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्था में अध्ययनरत, गुरूशिष्य परंपरा के तहत पारंपरिक लोक कलाएं सीखने वाले बच्चों को संस्कृति विभाग की ओर से मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन प्रदान की जानी है।
इन श्रेणियां में शामिल कलाकारों को करना है आवेदन
प्रदर्शनकारी कला/विधा एवं उप विधाओं में छत्तीसगढ़ के लोक व पारंपरिक जनजातीय कलाएं (छत्तीसगढ़ की समस्त पारंपरिक जनजातीय और लोक नाट्य, नृत्य, गीत-संगीत, खेल, चंदैनी, भरथरी, गोपी-चंदा, पंडवानी, घोटुलपाटा, धनकुल, जगार तथा छत्तीसगढ़ की अन्य पारंपरिक लोक जनजातीय गाथाएं, वाद्य, पाक कला, सौन्दर्यकला, गायन, वादन आदि), शास्त्रीय संगीत (हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटिक गायन-वादन), शास्त्रीय नृत्य तथा नृत्य संगीत (भरत नाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, मोहनी अट्टम, ओडिशी, मनिपुरी, कथककली, ओडिशी नृत्य और संगीत), रंग मंच (हिन्दी और छत्तीसगढ़ी नाट्य मंचन, नाचा, भतरा नाट्य तथा अन्य लोक जनजातीय नाट्य विधा सहित), दृश्य कला (ग्राफिक्स, मूर्तिकला, पेंटिंग, फोटोग्राफी, मृदभांड तथा मृणकला, छत्तीसगढ़ के विविध लोक जनजातीय परंपराओं के चित्रांकन की विधा) और सुगम शास्त्रीय संगीत (ठुमरी, दादरा, टप्पा आदि कव्वाली, गजल) शामिल हैं।
आवेदन के लिए पात्रता एवं सामान्य शर्तें
आवेदन के लिए पात्रता एवं सामान्य शर्तें निर्धारित की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के वास्तविक निवासी हो, आवेदक की आयु 15 वर्ष से कम तथा 30 वर्ष से अधिक न हो, आवेदक अथवा उनके परिवार की वार्षिक आय 72000 रुपए से अधिक न हो, संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य रूप से किया गया हो। इन आवेदकों को विभाग की ओर से निर्धारित वार्षिक प्रोत्साहन राशि न्यूनतम पांच हजार रूपए से अधिकतम दस हजार रुपए होगी। प्रोत्साहन की राशि डिमांड ड्राफ अथवा ई-पेमेंट के माध्यम से देय होगा। प्रोत्साहन योजना से संबंधित जानकारी विभागीय वेबसाईट
http://www.cgculture.in/
पर भी देखी जा सकती है।
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