
रायपुर। सरगुजा जिले के 35 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नीट और जेईई की निशुल्क लाइव ऑनलाइन कोचिंग शुरू हो गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शनिवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया। जिला खनिज संस्थान न्यास और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 एवं 2027-28 में कक्षा 11वीं विज्ञान संकाय के लगभग 2,120 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा।
परियोजना का संचालन फिजिक्स वाला लिमिटेड करेगा। इसके तहत गणित समूह के विद्यार्थी जेईई और जीव विज्ञान समूह के विद्यार्थी नीट की तैयारी कर सकेंगे। सभी चयनित विद्यालयों में लाइव टू-वे इंटरैक्टिव कक्षाएं संचालित होंगी, जिनमें विद्यार्थी शिक्षकों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान कर सकेंगे। हिंदी और अंग्रेजी के मिश्रित माध्यम में होने वाली पढ़ाई के साथ रिकॉर्डेड लेक्चर, मोबाइल ऐप, क्लास नोट्स, अध्ययन सामग्री, प्रश्न बैंक, ऑनलाइन मॉक टेस्ट और ऑल इंडिया टेस्ट सीरीज की सुविधा भी मिलेगी।
आर्थिक बाधाएं दूर करने पर जोर
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण महंगी कोचिंग से वंचित रहने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन और मेहनत से सरगुजा के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने विद्यालयों के प्राचार्यों को कोचिंग में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एआई से होगी पढ़ाई की निगरानी
परियोजना के तहत विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन एआई आधारित लर्निंग एनालिटिक्स, प्रदर्शन ट्रैकिंग और अभिभावक रिपोर्टिंग डैशबोर्ड से किया जाएगा। विद्यालयों में 75 इंच के 4के इंटरैक्टिव पैनल, कंप्यूटर, एचडी वेब कैमरा, माइक्रोफोन और स्पीकर सहित स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि विद्यार्थियों की तैयारी और समस्याओं की समीक्षा के लिए प्रत्येक तीन माह में फीडबैक सत्र आयोजित किया जाएगा।
166 पशु सखियों को प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने ए-हेल्प कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित 166 पशु सखियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। ये पशु सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन टीकाकरण, कृमिनाशक दवा वितरण, पशु बीमा और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में पशु चिकित्सा विभाग का सहयोग करेंगी। प्रशिक्षण में आरसेटी, कृषि विज्ञान केंद्र और पशु चिकित्सा विभाग की भूमिका रही।
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