
रिपोर्ट: मनमोहन नेताम
गरियाबंद के मैनपुर ब्लॉक में खाद चोरी के आरोप में पकड़े गए दो युवकों को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले करने के बजाय गांव में सार्वजनिक रूप से घुमाया। दोनों के कंधों पर यूरिया की बोरियां बांधी गईं और ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला गया।
मामला ओड़िशा सीमा से लगे ग्राम झोलाराव का है। गांव के एक किसान के घर से यूरिया खाद की दो बोरियां चोरी होने के बाद ग्रामीणों ने प्रभु और कृष्णा नाम के युवकों को कथित तौर पर चोरी के सामान के साथ पकड़ लिया।
किसान के घर से चोरी हुई थीं यूरिया की दो बोरियां
जानकारी के मुताबिक, गांव के एक किसान के घर रखी यूरिया खाद की दो बोरियां गायब हो गई थीं। चोरी का आरोप गांव के ही प्रभु और कृष्णा नामक दो युवकों पर लगा। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवक खाद को कहीं ले जाकर बेचने या ठिकाने लगाने की कोशिश में थे।
ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा
कुछ ग्रामीणों को युवकों की गतिविधियों की जानकारी मिली तो उन्होंने उनकी घेराबंदी कर दी। दोनों को कथित चोरी की गई यूरिया की बोरियों के साथ पकड़ लिया गया। मौके पर ग्रामीणों ने पूछताछ की। इसके बाद गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई और दोनों युवकों को सार्वजनिक रूप से सजा देने का फैसला किया गया।
कंधों पर बांध दी चोरी की गई खाद की बोरियां
ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों के कंधों पर वही यूरिया की बोरियां रस्सी से बांध दीं। इसके बाद उन्हें पैदल गांव की बस्ती में घुमाया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़े और बाजे बजाए गए। जुलूस गांव के अलग-अलग हिस्सों से होकर निकाला गया।
जुलूस देखने घरों से बाहर आए ग्रामीण
घटना के दौरान झोलाराव गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी घरों से बाहर निकलकर जुलूस देखते नजर आए। खाद चोरी के आरोप में ग्रामीणों की ओर से दी गई इस सार्वजनिक सजा की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
पुलिस को सौंपने के बजाय ग्रामीणों ने खुद लिया फैसला
मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पकड़ने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले करने के बजाय अपने स्तर पर यह कार्रवाई की। ग्रामीणों ने चोरी की खाद की बोरियां आरोपियों के कंधों पर बांधकर पूरे गांव में जुलूस निकालकर घटना को सार्वजनिक किया।
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