
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने गुरुवार को निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का कल्याण विश्वविद्यालयों की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विश्वविद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर हैं, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
राज्यपाल रमेन डेका ने विश्वविद्यालयों में शिक्षा व शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विश्वविद्यालयों को नैक में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित होना चाहिए। विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने को कहा।
राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वीके गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।
पीएचडी उपाधि देने की प्रक्रिया गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी हो
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पीएचडी उपाधि दिए जाने की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। पीएचडीके लिए होने वाले पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से औचक जांच कराई जाएगी, जिससे शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल उपाधि प्रदान करने तक सीमित न रहकर ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिसका समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान हो।
रोजगार व भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को दी जाए प्राथमिकता
राज्यपाल ने कहा कि कोई भी नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पहले विश्वविद्यालय संबंधित क्षेत्र में सर्वेक्षण कर आवश्यकता और विद्यार्थियों की रुचि का आकलन करें। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए। अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार और भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में राज्यपाल की ओर से दिए गए निर्देश…
. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा दिया जाए। एनवायरनमेंटल साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।
. विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई जाए।
. विद्यार्थियों को योग के लिए इस प्रकार प्रेरित किया जाए कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली और आदत का हिस्सा बन जाए।
. छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध और अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दें।
. फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
. युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए।
. शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय किया जाए।
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