
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के पास स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे को देखा। स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए।
राज्यपाल ने होम-स्टे प्रवास के दौरान देशदेखा समूह की महिलाओं की ओर से पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। उन्होंने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं।
स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल ने स्थानीय महिलाओं की ओर से निर्मित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।
इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कंपनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों।
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