
रायपुर। प्रदेश में खरीफ सीजन में 25 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 97 प्रतिशत बोनी पूरी हो चुकी है। अब तक 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो-कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल समेत विभिन्न फसलों की बोनी की जा चुकी है। इस खरीफ सीजन में सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को किसानों को मांग के अनुसार प्रमाणित खाद-बीज सुगमता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सोसायटियों में पर्याप्त भंडारण और वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी के साथ लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग व्यवस्था की निगरानी कर रहा है।
15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य
प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य है। इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्रों में 16.67 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। इसमें से अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है, जो लक्ष्य का 72 प्रतिशत है। प्रमाणित बीज के लिए 4.95 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण और अब तक 4.58 लाख क्विंटल का वितरण किया जा चुका है।
औसत से अधिक हुई बारिश
25 अगस्त की सुबह तक प्रदेश में 839.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत वर्षा 810.2 मिमी के मुकाबले इस बार 29.2 मिमी अधिक बारिश हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 821.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।
किसानों को 7778.76 करोड़ रुपए का ऋण
किसानों को खेती के लिए वित्तीय सहूलियत देने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। 24 अगस्त तक 7778.76 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 6449.95 करोड़ रुपए का ऋण वितरण हुआ था। चालू खरीफ सीजन में किसानों को 8800 करोड़ रुपए का ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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