
रायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय उच्च अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें विभागीय कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों, ठेकेदारों के भुगतान और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को लंबित कार्यों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण करने तथा विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि विभागीय कार्यों में आ रहे गैप को कम करते हुए महत्वपूर्ण एवं क्रिटिकल कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। लंबित प्रकरणों को अनावश्यक रूप से आगे बढ़ाने के बजाय उनकी सूची तैयार कर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। उन्होंने ठेकेदारों के लंबित बिलों का परीक्षण कर पात्रतानुसार भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुराने टेंडर और लंबित भुगतान की होगी समीक्षा
बैठक में 31 मार्च 2026 से पूर्व जारी टेंडर से संबंधित कार्यों की स्थिति की समीक्षा कर सूची तैयार करने को कहा गया। जिन कार्यों की भौतिक प्रगति पूरी हो चुकी है, उनके वित्तीय भुगतान की स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का समन्वित आकलन कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
सचिव ने मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा शासकीय राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सप्लीमेंट्री एवं रिवाइज्ड कार्यों का औचित्य के आधार पर परीक्षण कर निर्णय लेने को कहा। प्रत्येक कार्य की समय-सीमा निर्धारित कर अधिकारियों को स्वयं नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी से जुड़े लंबित प्रकरणों का भी प्राथमिकता से निराकरण करने पर जोर दिया गया।
सब इंजीनियरों को मिलेगा प्रशिक्षण
विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए सचिव ने निर्धारित फ्रेमवर्क के तहत कार्य करने और टीमवर्क, जवाबदेही तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। फील्ड स्तर के अधिकारियों को आवश्यक सहयोग देने के साथ सब इंजीनियरों के लिए कम से कम एक सप्ताह की प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
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