
रायपुर। छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने के लिए खड़गंवा में राज्य स्तरीय ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। साथ ही जिला मुख्यालयों में भी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुए। इस दौरान खड़गंवा, सोनहत, बतौली और घरघोड़ा को टीबी मुक्त विकासखंड घोषित किया गया। वहीं, वर्ष 2025 के लिए राज्य की 4,676 टीबी मुक्त पंचायतों को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई इस पहल के तहत माई भारत के युवा स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ा जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टीबी की समय पर जांच, नियमित उपचार और दवा का पूरा कोर्स सुनिश्चित करने के साथ मरीजों के प्रति सामाजिक भेदभाव समाप्त करना भी जरूरी है। ‘जोश टीम’ के युवा स्वयंसेवक लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और युवाओं ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
चार विकासखंडों की उपलब्धि बनी प्रेरणा
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने चार विकासखंडों को टीबी मुक्त घोषित किए जाने को राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह सफलता स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवी संगठनों और समुदाय के साझा प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ अन्य विकासखंडों को भी टीबी मुक्त बनाने के लिए संभावित मरीजों की समय पर पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार और उपचार पूरा कराने पर विशेष ध्यान देना होगा।
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