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'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने मैट पर छोड़ी अपनी जबरदस्त छाप, 3 स्वर्ण और एक रजत पदक जीता

04 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने मैट पर छोड़ी अपनी जबरदस्त छाप, 3 स्वर्ण और एक रजत पदक जीता
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026 में कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। कर्नाटक के 9 पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला।


स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी   (68 किग्रा) शामिल हैं। जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनकी यह सफलता अब सिर्फ़ पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के कुश्ती के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभरने का प्रतीक है। 


अफ़्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं। इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे। 


समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा

सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन पर कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता ने कहा, ''जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते  हैं। पिछले कुछ समय से इस समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं।

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