
रायपुर। संस्कृति विभाग की ओर से राजधानी के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय स्थित मुक्ताकाशी मंच पर आज से पांच दिवसीय लोक रंग पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 13 सितंबर का इसका समापन होगा। प्रत्येक शाम 7 बजे से पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकगाथा, लोकसंगीत, लोकनृत्य और नाचा-गम्मत की प्रस्तुतियां होंगी।
पांच दिवसीय इस लोक रंग पर्व में देवार गीत, करमा नृत्य, पंडवानी, बांसगीत, सुआ नृत्य, भरथरी, ढोलामारू, राउत नाचा, पंथी नृत्य, लोरिक चंदा, संस्कार गायन, जसगीत जैसी विधाओं की प्रस्तुतियां कलाकारों की ओर से दी जाएंगी। लोक रंग में प्रदेशभर से लोक कलाकार शामिल हो रहे हैं, वह अपनी परंपरागत कला का प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम में पारंपरिक लोकगाथा प्रस्तुतियों में भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू और लोरिक चंदा, लोकनृत्य में सुआ, करमा और पंथी, लोकगायन में बांसगीत और देवारी गीत तथा लोकसंगीत में ददरिया, जसगीत और संस्कार गायन प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
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