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राखीगढ़ी टीला से रूबरू हुए मंत्री राजेश अग्रवाल, कहा- छत्तीसगढ़ भी हजारों वर्षों की सांस्कृतिक व पुरातात्विक विरासत का धनी प्रदेश

28 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
राखीगढ़ी टीला से रूबरू हुए मंत्री राजेश अग्रवाल, कहा- छत्तीसगढ़ भी हजारों वर्षों की सांस्कृतिक व पुरातात्विक विरासत का धनी प्रदेश
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने हरियाणा प्रवास के दौरान विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में शामिल सिंधु-घाटी (हड़प्पा) सभ्यता के प्रमुख पुरातात्विक स्थल राखीगढ़ी टीला का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के राखीगढ़ी जैसे पुरातात्विक स्थलों का संरक्षण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ भी हजारों वर्षों की सांस्कृतिक व पुरातात्विक विरासत का धनी प्रदेश है।


मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सिरपुर, बारसूर, भोरमदेव, मदकूद्वीप, ताला, मल्हार, रतनपुर, राजिम तथा दंतेवाड़ा जैसे अनेक ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल भारतीय संस्कृति, स्थापत्य कला और धार्मिक सहिष्णुता की अमूल्य धरोहर हैं। इन स्थलों में प्राचीन मंदिर स्थापत्य, बौद्ध विहार, शैव, वैष्णव एवं जैन परंपराओं के उत्कृष्ट प्रमाण आज भी सुरक्षित हैं, जो प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करते हैं।


मंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से प्रदेश की पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन, शोध, अभिलेखीकरण और पर्यटन विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। हमारा प्रयास है कि ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी मूल ऐतिहासिक गरिमा को अक्षुण्ण रखा जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का समग्र अनुभव प्राप्त हो सके।


राखीगढ़ी भारत की प्राचीन सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक प्रगति का अद्भुत प्रमाण

मंत्री राजेश अग्रवाल ने राखीगढ़ी टीला पहुंचकर प्राप्त पुरातात्विक अवशेषों, प्राचीन नगर नियोजन, शिल्पकला, जल प्रबंधन प्रणाली तथा औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी भारत की प्राचीन सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक प्रगति का अद्भुत प्रमाण है, जो विश्व के समक्ष भारतीय सभ्यता की समृद्ध विरासत को स्थापित करता है। राखीगढ़ी केवल एक पुरातात्विक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के गौरवशाली इतिहास का जीवंत दस्तावेज है। 


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