
रायपुर। उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा ने शुक्रवार को बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की। इसमें बताया गया कि इस बार के ओलंपिक में 11 खेलों में 40 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। बस्तर संभाग के सातों जिलों और 32 विकासखंडों के खिलाड़ी भाग लेंगे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में बस्तर ओलंपिक की रुपरेखा और तैयारियों पर चर्चा की गई। आगामी अक्टूबर-नवंबर में होने वाले बस्तर ओलंपिक में तीन स्तरों विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव सुखनाथ अहिरवार और संचालक तनूजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।
बस्तर ओलंपिक विकास और खेल का संगम: अरुण साव
उप मुख्यमंत्री व खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलंपिक महज खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह संगठित रूप से बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार इन रचनात्मक पहलों से बस्तर में भयमुक्त वातावरण बनाकर युवाओं को खेल और उत्सव से जोड़ना चाहती है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पुख्ता कार्ययोजना तैयार करते हुए आयोजन के ध्येय वाक्य ‘करसाय ता बस्तर बरसाय ता बस्तर’ (खेलेगा बस्तर जीतेगा बस्तर) को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
बस्तर के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी: विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर ओलंपिक को यादगार बनाने सभी विभाग अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप जिम्मेदारियों का वहन करें। बस्तर के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी और सकारात्मक वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसमें बस्तर के सभी गांवों के सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चत करने को कहा। उन्होंने आयोजन की तैयारियों को मूर्त रूप देने जल्दी ही इससे जुड़े विभागों, अधिकारियों और संस्थाओं की बस्तर में भी बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे की तैयारियों को और गति दी जा सके।
नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे दम
बस्तर ओलंपिक में जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं व सीनियर वर्ग में महिला और पुरुषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरुषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे।
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