
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रेस वार्ता में इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित असाधारण कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निर्णयों और योजनाओं का छत्तीसगढ़ के विकास पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घकालीन राष्ट्रसेवा की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और छत्तीसगढ़ समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की मंत्रिपरिषद विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प में पूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेसवार्ता की प्रमुख बातें
ऐतिहासिक निर्णयों का अभिनंदन: मंत्रिपरिषद ने जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और नक्सलवाद के विरुद्ध प्रयासों सहित राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों का अभिनंदन किया।
गुजरात के सुशासन मॉडल से सीख: मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू हुए तकनीक आधारित शासन, जनसंवाद और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली से छत्तीसगढ़ को भी प्रेरणा मिली। पीएम गतिशक्ति के तहत राज्य के करीब 14 हजार गांव जियो-रेफरेंस्ड किए जा चुके हैं।
8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव: राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों से 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
डिजिटल सेवाओं का विस्तार: एग्रीस्टैक के तहत 42 लाख फार्मर आईडी बनाई गई हैं। ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना से 7.51 लाख ग्रामीणों को संपत्ति अधिकार अभिलेख मिले हैं। मुख्यमंत्री ने जनधन-आधार-मोबाइल, डीबीटी और यूपीआई को पारदर्शी शासन का महत्वपूर्ण आधार बताया।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी उपलब्धि: ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण होने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवास बने हैं और निर्माण की गति में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: स्वच्छ भारत अभियान के तहत 36 लाख घरेलू शौचालय बनाए गए हैं। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले हैं। आयुष्मान भारत के तहत 51.17 लाख हितग्राहियों को करीब 11,877 करोड़ रुपये के निःशुल्क उपचार का लाभ मिलने की जानकारी दी गई।
1.99 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन: मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत प्रदेश के 73 लाख परिवारों के करीब 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन मिल रहा है। केंद्र की खाद्यान्न योजना से राज्य को लगभग 5,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली है।
किसानों को आर्थिक संबल: पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ 26.57 लाख किसानों तक पहुंचा है। धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन होने की जानकारी दी गई। किसानों को एमएसपी के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर: महतारी वंदन योजना के तहत करीब 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बिहान योजना के माध्यम से 32.39 लाख ग्रामीण परिवार स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं।
युवाओं और खिलाड़ियों के लिए अवसर: खेलो इंडिया के तहत आठ जिलों के लिए 48 करोड़ रुपये की सहायता और 33 मिनी सेंटर स्वीकृत हुए हैं। बिलासपुर में हॉकी, आर्चरी और एथलेटिक्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी मिली है।
जनजातीय समाज के विकास पर फोकस: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 6,000 से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जनमन योजना से पांच विशेष पिछड़ी जनजातियों के 56 हजार से अधिक परिवारों को आवास, सड़क और पेयजल सुविधाएं पहुंचाने की जानकारी दी गई। प्रदेश में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास: मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना का उल्लेख किया। डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर के विकास, भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 146 करोड़ रुपये, जनजातीय पर्यटन सर्किट के लिए 94 करोड़ रुपये और मयाली-बगीचा इको-टूरिज्म के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति की जानकारी दी।
हस्तशिल्प और शिक्षा को बढ़ावा: रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से पीएम एकता मॉल और नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) की स्थापना को स्वीकृति मिलने का उल्लेख किया। चंपारण में संत श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की प्रतिमा और परिसर के लिए 73.42 करोड़ रुपये की मंजूरी की जानकारी भी दी।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा: मुख्यमंत्री ने जी-20 की अध्यक्षता, ब्रिक्स में भारत की भूमिका, अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता दिलाने की पहल और ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने को भारत की बढ़ती कूटनीतिक क्षमता का प्रतीक बताया।
विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत-2047 का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। नक्सलमुक्त बस्तर, खनिज संपदा, कृषि, महिला सशक्तीकरण, युवा शक्ति, जनजातीय संस्कृति और निवेश की संभावनाएं राज्य की प्रमुख ताकत हैं।
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