
रायपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की ओर से 8 मार्च 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने का मौका है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर की ओर से प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों और व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे।
वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होने जा रही है। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता और मेट्रोमोनियल डिस्प्यूट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा।
न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में कमी लाना उद्देश्य
न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने और प्रभावित पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। नेशनल लोक अदालत के लिए खंडपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी, सिविल, निष्पादन प्रकरणों, विद्युत संबंधी और पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं।
ये प्रकरण भी प्रस्तुत किए जाएंगे
- राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे।
- पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।
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